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title: "जेन स्ट्रीट ने सेबी की मांग के 4,843 करोड़ रुपये जमा कर दिए; 21 अक्टूबर को ट्रिब्यूनल तय करेगा कि फर्म को क्या देखने को मिलेगा"
description: "सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (सैट) 21 अक्टूबर को तय करेगा कि ट्रेडिंग फर्म को वे ट्रेड लॉग्स मिलेंगे या नहीं जिन पर सेबी का हेरफेर का केस टिका है। जेन स्ट्रीट ने मांगी गई 4,843 करोड़ रुपये की रकम पहले ही जमा कर दी है, भारत में अपना कारोबार रोक दिया है और अलग से कोरवेव के एआई क्लाउड में करीब 6 अरब डॉलर की प्रतिबद्धता दी है।"
publisher: "The Inference"
section: "Money"
published: 2026-10-13T21:22:02.805Z
modified: 2026-10-13T21:22:02.805Z
canonical: https://theinference.org/article/jane-street-has-deposited-sebi-s-rs-4-843-crore-demand-a-tribunal-rules-october-21-on-what-it-can-see/hi
language: hi
keywords: "Jane Street, Sebi, Regulation, India, CoreWeave, Options"
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# जेन स्ट्रीट ने सेबी की मांग के 4,843 करोड़ रुपये जमा कर दिए; 21 अक्टूबर को ट्रिब्यूनल तय करेगा कि फर्म को क्या देखने को मिलेगा

> सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (सैट) 21 अक्टूबर को तय करेगा कि ट्रेडिंग फर्म को वे ट्रेड लॉग्स मिलेंगे या नहीं जिन पर सेबी का हेरफेर का केस टिका है। जेन स्ट्रीट ने मांगी गई 4,843 करोड़ रुपये की रकम पहले ही जमा कर दी है, भारत में अपना कारोबार रोक दिया है और अलग से कोरवेव के एआई क्लाउड में करीब 6 अरब डॉलर की प्रतिबद्धता दी है।

भारत के बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानी सेबी ने इस हफ्ते देश की प्रतिभूति अपीलीय अदालत को बताया कि [जेन स्ट्रीट](https://theinference.org/markets/companies/jane-street) ने ऑप्शन ट्रेडिंग से करीब 4,000 करोड़ रुपये कमाए हैं, और साथ ही फर्म पर यह साबित करने का भार डाल दिया है कि उसकी स्ट्रैटेजी हेरफेर नहीं थी [1]। इन बातों में से कोई भी अभी निर्णित नहीं हुई है: कमाई का आंकड़ा [नियामक की प्रस्तुति](https://www.etnownews.com/markets/jane-street-case-firm-made-rs-4000-crore-options-profit-sebi-tells-sat-must-prove-strategy-wasnt-manipulation-article-156282862) से है [1]।

सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (सैट) 21 अक्टूबर को उस सवाल पर फैसला सुनाएगा जो सबसे पहले आता है: क्या जेन स्ट्रीट को वह जांच फाइल मिलेगी जिसकी जरूरत उसका बचाव पक्ष बताता है [2][3]। यह मामला मुंबई से बहुत आगे तक जाता है, क्योंकि इन मुनाफों के पीछे वाली अमेरिकी ट्रेडिंग फर्म एआई के बुनियादी ढांचे की फाइनेंसिंग भी कर रही है — उसने [कोरवेव](https://theinference.org/markets/companies/coreweave) नाम की क्लाउड कंपनी को [करीब 6 अरब डॉलर की प्रतिबद्धता](https://www.businesswire.com/news/home/20260415280149/en/Jane-Street-Signs-%246-Billion-AI-Cloud-Agreement-With-CoreWeave) दी है [4]।

## वे ट्रेड जिन्हें सेबी हेरफेर मानता है

सेबी के मुताबिक जेन स्ट्रीट ने कैश और फ्यूचर्स बाजार में खरीद कर बैंक निफ्टी — बड़े भारतीय बैंकों के शेयरों का इंडेक्स — को ऊपर टिकाए रखा, जबकि उसी इंडेक्स के ऑप्शन में बड़ी शॉर्ट पोजिशन बनाई, खासकर एक्सपायरी के दिनों में [2][3][6]। [मामला शुरू करने वाला आदेश](https://www.msn.com/en-us/money/economy/jane-street-tells-india-tribunal-sebi-s-own-reports-found-no-manipulation-before-567m-order/ar-AA2dCw8A) 3 जुलाई 2025 को आया [6]। पहले कोई सुनवाई किए बिना जारी इस आदेश ने जेन स्ट्रीट को भारतीय बाजारों से बाहर कर दिया और कथित अवैध कमाई के तौर पर 4,843 करोड़ रुपये जमा कराने की मांग की [3]।

फर्म के वरिष्ठ अधिवक्ता दरियस खंबटा इन ट्रेड को दुनिया भर में चलने वाली आम हेजिंग बताते हैं, जिसे फर्म ने अगस्त 2024 में सेबी और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) को लिखित रूप में समझाया था [5]। फर्म ने राशि जमा कर दी है, भारत में अपना कारोबार रोक दिया है और उनके मुताबिक सेबी ने अब तक जो सबसे बड़ा जमा आदेश जारी किया है, उसका सामना कर रही है [5]।

कुछ आकलनों के मुताबिक प्रतिबंध के बाद के पांच कारोबारी सत्रों में बैंक निफ्टी की ट्रेडिंग वॉल्यूम आधी रह गई [6]। प्रतिबंध लगते ही ज़ेरोधा के सीईओ ने चेताया था कि जेन स्ट्रीट जैसी प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग फर्में भारत के ऑप्शन कारोबार का करीब आधा हिस्सा देती हैं [6]।

## पहले की दो जांचों में कोई सबूत नहीं मिला

रिपोर्ट्स के मुताबिक नवंबर 2024 में एनएसई की समीक्षा और दिसंबर 2024 में सेबी के अपने समेकित निगरानी विभाग (इंटीग्रेटेड सर्विलांस डिपार्टमेंट) की जांच में इस बात का कोई सबूत नहीं मिला कि जेन स्ट्रीट के सौदों ने इंडेक्स की कीमतें हिलाई हों; विभाग ने मामला बंद करने का प्रस्ताव दिया था [3][6]। इसके बाद सेबी ने एक नई टीम बनाई और कुछ महीने बाद आदेश जारी कर दिया [6]।

जेन स्ट्रीट को काउंटरपार्टी की डिटेल समेत ट्रेड लॉग्स, निगरानी रिपोर्ट और सेबी का एक्सचेंज से हुआ पत्राचार चाहिए [3]। सेबी का कहना है कि इस चरण में काउंटरपार्टी का डेटा अप्रासंगिक है; उसके वकील का कहना है कि पहले की समीक्षाओं ने बहुत छोटे-छोटे समय-खंडों को देखा था, जिनकी जगह बाद के मिनट-दर-मिनट विश्लेषण ने ले ली है [1][3][6]। और अपने इस विश्लेषण पर पूरा भरोसा रखने वाले नियामक को फाइल खोलने से कुछ नहीं जाता।

## सूचीबद्ध बाजार में दांव की कड़ी है कोरवेव

जेन स्ट्रीट अपने नाम का कोई शेयर लिस्ट नहीं करती, इसलिए इस कहानी में जिस पर बाजार में दांव लगाया जा सकता है वह है नैस्डैक-लिस्टेड एआई क्लाउड कंपनी कोरवेव [4]। जेन स्ट्रीट ने अप्रैल में अपनी क्लाउड प्रतिबद्धता के साथ 1 अरब डॉलर की इक्विटी हिस्सेदारी जोड़ी [4], और [अपनी पहली तिमाही की कॉल](https://www.theglobeandmail.com/investing/markets/stocks/CRWV-Q/pressreleases/1819900/coreweave-q1-earnings-call-highlights/) पर कोरवेव ने गिना कि वित्तीय सेवाओं के उसके ग्राहकों से करीब 10 अरब डॉलर का करारबद्ध बैकलॉग (contracted backlog) है [7]।

कंपनी पर 35.6 अरब डॉलर का कर्ज है, जबकि रेवेन्यू लगातार बढ़ता जा रहा है [8]। सबसे नया उधार उस इंफ्रास्ट्रक्चर और उसके पीछे के ग्राहक-अनुबंध की गिरवी पर लिया गया है, यानी जिन ग्राहकों ने ठेके किए हैं वे भी कर्ज की कहानी का हिस्सा हैं [8]।

*Chart: **दो साल से हर तिमाही बढ़ता गया है कोरवेव का रेवेन्यू** तीसरी तिमाही 2024 से दूसरी तिमाही 2026 तक कोरवेव का तिमाही रेवेन्यू, हर तिमाही बढ़ते हुए करीब 0.6 अरब डॉलर से करीब 2.6 अरब डॉलर तक।*

*कोरवेव की एसईसी फाइलिंग्स के मुताबिक रिपोर्ट किया गया तिमाही रेवेन्यू, अरब अमेरिकी डॉलर में। [9]*

## फाइल पर फैसला तय करेगा असली लड़ाई का दायरा

21 अक्टूबर का फैसला सबूतों को लेकर है, दोष को लेकर नहीं; असली मुकदमा उसके बाद आएगा [2][3]। अगर ट्रिब्यूनल फाइल खुलवाने का आदेश देता है, तो बचाव पक्ष को वह निगरानी रिपोर्ट मिलेगी जिसमें मामला बंद करने का प्रस्ताव था, काउंटरपार्टी के लॉग्स मिलेंगे और वह सेबी-एनएसई पत्राचार भी, जिसे खंबटा कहते हैं कि उनकी फाइल में होना ही चाहिए [3][5]। अगर ट्रिब्यूनल मना कर देता है, तो जेन स्ट्रीट को गैरकानूनी कमाई की वापसी (disgorgement) के खिलाफ सिर्फ उन्हीं अंशों से लड़ना होगा जो नियामक ने साझा करने के लिए चुने हों [3]।

कोई भी फाइलिंग कोरवेव के इस कमिटमेंट को भारत के मुकदमे से नहीं जोड़ती। दोनों का रिश्ता बस इतना है कि दोनों के पीछे एक ही बैलेंस शीट खड़ी है। अगर गैरकानूनी कमाई की वापसी बरकरार रहती है, तो वह बैलेंस शीट जमा की गई राशि के बराबर छोटी हो जाएगी। अगर फाइल खुलती है और बचाव पक्ष टिक जाता है, तो एआई फंडिंग के पीछे जो मुनाफ़े का इंजन है, वह चलता रहेगा [3][4]। भारत जितने आकार का बाज़ार लिक्विडिटी प्रोवाइडर्स के भरोसे ही चलता है, और इतने पैमाने पर कमाया गया मुनाफ़ा खुद एक वजह है कि ऐसी फर्म को उसकी कमाई गैरकानूनी करार देने से पहले दिन की रोशनी में परख लिया जाए।

## Takeaway

21 अक्टूबर का सैट फैसला सबूतों तक पहुंच का सवाल सुलझाएगा, दोष का नहीं: जेन स्ट्रीट ने 4,843 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं और भारत में कारोबार रोक दिया है, और कोरवेव की करीब 6 अरब डॉलर की प्रतिबद्धताओं के पीछे भी यही बैलेंस शीट खड़ी है।

## Sources

1. [ET Now, "Jane Street case: Firm made Rs 4,000 crore options profit; must prove strategy wasn't manipulation, Sebi tells SAT", 6 October 2026](https://www.etnownews.com/markets/jane-street-case-firm-made-rs-4000-crore-options-profit-sebi-tells-sat-must-prove-strategy-wasnt-manipulation-article-156282862)
2. [Newsbytes, "SAT to rule Oct 21 on Jane Street evidence access", 9 October 2026](https://www.newsbytesapp.com/news/business/sat-to-rule-oct-21-on-jane-street-evidence-access/tldr)
3. [Mint, "SAT to pass order in Jane Street 'manipulation' case on 21 October", 9 October 2026](https://www.livemint.com/market/jane-street-order-sebi-vs-jane-street-11791466349488.html)
4. [Business Wire, "Jane Street Signs $6 Billion AI Cloud Agreement With CoreWeave", 15 April 2026](https://www.businesswire.com/news/home/20260415280149/en/Jane-Street-Signs-%246-Billion-AI-Cloud-Agreement-With-CoreWeave)
5. [The Economic Times, "Jane Street hits back at Sebi's allegations, says 'regulator changed the goal posts'", 8 October 2026](https://economictimes.indiatimes.com/markets/stocks/news/jane-street-hits-back-at-sebis-allegations-says-regulator-changed-the-goal-posts/articleshow/134803282.cms)
6. [Tech Times, "Jane Street tells India tribunal SEBI's own reports found no manipulation before $567M order", 5 October 2026](https://www.msn.com/en-us/money/economy/jane-street-tells-india-tribunal-sebi-s-own-reports-found-no-manipulation-before-567m-order/ar-AA2dCw8A)
7. [MarketBeat via The Globe and Mail, "CoreWeave Q1 Earnings Call Highlights", 7 May 2026](https://www.theglobeandmail.com/investing/markets/stocks/CRWV-Q/pressreleases/1819900/coreweave-q1-earnings-call-highlights/)
8. [TheStreet, "UBS makes bold call as CoreWeave faces $35 billion problem", 26 September 2026](https://www.msn.com/en-us/news/other/ubs-makes-bold-call-as-coreweave-faces-35-billion-problem/ar-AA2d1Bjc)
9. [CoreWeave, quarterly revenue from its SEC filings, retrieved 13 October 2026](https://www.sec.gov/cgi-bin/browse-edgar?action=getcompany&CIK=0001769628)


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जेन स्ट्रीट ने सेबी की मांग के 4,843 करोड़ रुपये जमा कर दिए; 21 अक्टूबर को ट्रिब्यूनल तय करेगा कि फर्म को क्या देखने को मिलेगा — The Inference. Canonical: https://theinference.org/article/jane-street-has-deposited-sebi-s-rs-4-843-crore-demand-a-tribunal-rules-october-21-on-what-it-can-see/hi
