डॉयचे टेलीकॉम ने डिकैगन के एआई एजेंट जोड़ लिए, वेंडर बदलने का रास्ता भी पहले से बना लिया

डॉयचे टेलीकॉम ने अपनी 10 यूरोपीय मार्केट्स की फोन कस्टमर सर्विस में डिकैगन के एजेंट जोड़ दिए हैं और एक ऐसी टूलिंग लेयर भी खड़ी कर ली है जिससे वेंडर बदलना सस्ता पड़े। डिफ्लेक्शन (deflection) यानी बिना इंसान की मदद के सुलझने वाली कॉलों का दर 40% के आसपास आकर दीवार से टकरा जाता है — उसके आगे के कठिन मामले इंसानों के पास रहते हैं। वहीं, डिकैगन अभी से ग्राहकों की क्वेरी का 80% अपने ही मॉडलों से निपटा रहा है।

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Vincent JiangVincent Jiang · 3 min read
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बॉन स्थित डॉयचे टेलीकॉम का मुख्यालय — छत पर मजेंटा रंग का 'टी' (T) लोगो और कांच से ढका हुआ प्रवेश कैनोपी
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बॉन स्थित डॉयचे टेलीकॉम मुख्यालय। समूह के एआई प्रमुख के मुताबिक, 10 यूरोपीय मार्केट्स में से कुछ हिस्सों में एजेंट पहले से ग्राहकों के फोन उठा रहे हैं।

अब कोई मेन्यू नहीं, फोन एआई एजेंट उठाता है

डॉयचे टेलीकॉम की 10 यूरोपीय मार्केट्स में से कुछ हिस्सों में बटन दबाकर विकल्प चुनने वाला आईवीआर (IVR) मेन्यू अब खत्म हो चुका है। वहां अब एक एआई एजेंट चौबीसों घंटे, 40 से 60 भाषाओं में और बिना कोई इंतज़ार कराए कॉल उठाता है 12। इसकी सप्लायर कंपनी है डिकैगन (Decagon) — सैन फ्रांसिस्को का वह स्टार्टअप जिसके एजेंट चैट, ईमेल, वॉइस और एसएमएस संभालते हैं। जनवरी में Coatue और Index के नेतृत्व में आई 250 मिलियन डॉलर की सीरीज़ 'डी' फंडिंग के बाद इसकी वैल्यूएशन 4.5 अरब डॉलर पहुंच गई है 13।

कॉन्ट्रैक्ट के साथ ही बच निकलने का रास्ता

चीफ एआई ऑफिसर कार्तिक शेठ ऑटोमेशन चाहते हैं, लेकिन लॉक-इन (lock-in) नहीं। इसलिए टेलीकॉम वेंडर के ऊपर खुद की टूलिंग लेयर और खुद के मूल्यांकन (evals) तैयार करती है और सीधी एपीआई की जगह एमसीपी (MCP) लेयर के जरिए खुद को खोलकर देती है, "ताकि तकनीक बदलने पर स्विच किया जा सके" 2। उनके इस भाषण को लेकर हंगरी की ट्रेड वेबसाइट की रिपोर्ट इस जोड़ी और उसके नतीजे को एक ही लाइन में बयां कर देती है: समूह का अपना टूलिंग और इवैल्युएशन सिस्टम आगे चलकर वेंडर बदलना आसान बना देगा 1। यानी खरीदार निकलने का दरवाजा बना रहा है, जबकि वेंडर अभी दाखिल ही हो रहा है।

40% की दीवार

नए-नए चालू हुआ एजेंट शुरुआत में कॉलों का पांचवां हिस्सा संभालता है, हफ्ते भर में चौथाई तक पहुंच जाता है और दो महीने के भीतर 40% पार कर लेता है, जबकि पूरे समूह में डिफ्लेक्शन हर महीने एक से दो पॉइंट ऊपर चढ़ता है 124। 40% के बाद रफ्तार थम जाती है: बची हुई कॉलों में एक साथ कई समस्याएं होती हैं और उन्हें अनुभवी इंसान चाहिए 2। इसके बावजूद समूह दो साल के भीतर 80% से ज्यादा कॉलों का लक्ष्य रखता है — एक ऐसी मियाद जिसे शेठ "सचमुच, सचमुच मुश्किल" आंकते हैं 24।

दो महीने में डिफ्लेक्शन 40% तक, फिर दीवार

  • बिना इंसान के संभाली गई कॉलें
  • Estimate
0%20%40%60%80%चालू होने परएक हफ्ता (मध्य-मान, अनुमानित)दो महीनेडीटी लक्ष्य: 1-2 साल में कॉलों का 80% से ऊपर24–25%इसके आगे के मामलों के लिए इंसानचाहिए
Data
बिना इंसान के संभाली गई कॉलें
चालू होने पर20%
एक हफ्ता (मध्य-मान, अनुमानित) (estimate)24.5% (24–25%)
दो महीने40%
नए चालू किए गए एक यूज़ केस में एआई एजेंट द्वारा बिना इंसान के संभाली गई कॉलों का हिस्सा — आंकड़े डॉयचे टेलीकॉम के चीफ एआई ऑफिसर कार्तिक शेठ ने एम्स्टर्डम में ह्यूमनएक्स (HumanX) सम्मेलन में दिए; पहले हफ्ते का आंकड़ा उनके बताए दायरे का मध्य-मान है। स्रोत: द नेक्स्ट वेब, 24 सितंबर 2026; एड हॉक न्यूज़, 26 सितंबर 2026।2,4

टेलीकॉम के अपने ही घर का बेंचमार्क चेतावनी बन खड़ा है: वांडा (Vanda) 2018 से मग्यार टेलीकॉम (Magyar Telekom) के ग्राहकों के सवालों के जवाब देता आया है, मगर कंपनी यह तक नहीं बताती कि वांडा का कोई भविष्य है भी या नहीं 1।

अपने ही मॉडलों से 80% काम

डिकैगन यही लागत की जंग वेंडर की सीट से लड़ रहा है: ग्राहकों के 80% सवाल वह पहले से ही अपने ही मॉडलों के जरिए निपटाता है। यह आंकड़ा ब्लूमबर्ग की एक खबर पर आधारित 21 सितंबर की रिपोर्ट में आया था, जिसमें किराए के मॉडलों से दूर भागते स्टार्टअप्स की बात थी — रैंप (Ramp) और रोगो (Rogo) भी यही कदम उठाने पर सोच रहे हैं 567। बिल्कुल ऐसा ही मामला हार्वे (Harvey) का है: किराए के मॉडलों पर उसका ग्रॉस मार्जिन करीब 50% से गिरकर जून तक माइनस 50% पर आ गया था और अगस्त में चीन के ओपन मॉडल Kimi K3 पर फिर से खड़े होने के बाद दोबारा पॉजिटिव हो गया 57।

इंजन अपने पास रखने से डिकैगन का टोकन बिल घटता है। मगर विडंबना यह है कि इससे ग्राहक के जाने पर जो खोना पड़ता है, वह भी घट जाता है — और टेलीकॉम यही दरवाजा लगा रहा है।

बर्नस्टीन अक्टूबर तक इंतज़ार नहीं करेगा

पहले न्याय की बात: टेलीकॉम अपने एआई पार्टनर्स में निवेश भी करता है और शेठ को उम्मीद है कि जैसे-जैसे मॉडल सुधरेंगे और बैकएंड के ज्यादा एंडपॉइंट (endpoints) खुलेंगे, एजेंट का हिस्सा एक-दो साल तक बढ़ता रहेगा 2। बर्नस्टीन इतना सब्र नहीं रखता — उसने 25 सितंबर को टेलीकॉम की रेटिंग घटाकर मार्केट-परफॉर्म (Market-Perform) कर दी और टारगेट प्राइस €37 से घटाकर €28.10 कर दिया 4। अगला पड़ाव तय है: 5 अक्टूबर को एआई इन्वेस्टर डे, फिर 5 नवंबर को तीसरी तिमाही के आंकड़े 8। वहां सिर्फ एक नंबर देखिए — किसी भी लाइव मार्केट का डिफ्लेक्शन 40% के पार जा सका है या नहीं।

Deepdive

AI-generated from this story and its cited sources. Not investment advice.

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