26.5 अरब डॉलर का SKHY: वही चिपमेकर, लेकिन नैसडैक पर 40.7% महंगा
अब तक का सबसे बड़ा अमेरिकन डिपॉजिटरी शेयर (एडीएस) ऑफर एसके हाइनिक्स के महज 2.5% शेयरों को ऐसे पूल में बेच गया, जिसे दोबारा नहीं भरा जा सकता। नतीजा यह है कि एक जैसे कैश फ्लो के लिए अमेरिकी खरीदार आज सियोल से 40.7% ज्यादा भाव चुका रहे हैं — करीब 400 अरब डॉलर की वैल्यूएशन सिर्फ नैसडैक पर मौजूद है।
Vincent Jiang · 2 min read
एसके हाइनिक्स ने 9 जुलाई को 17.79 करोड़ एडीएस 149 डॉलर के भाव पर बेचे और 26.5 अरब डॉलर जुटाए — अब तक का सबसे बड़ा एडीएस ऑफर। साथ ही कंपनी ने इस पूल को अपने शेयरों के करीब 2.5% तक सीमित रखा 1। तीन महीने बाद इस छोटे-से पूल की कीमत वहां पहुंच चुकी है, जहां तक सियोल वाले शेयर पहुंच ही नहीं पाते। 30 सितंबर को नैसडैक पर एडीएस 184.15 डॉलर पर बंद हुआ। उधर सियोल में एक ऑर्डिनरी शेयर — जिसके बराबर 10 एडीएस होते हैं — 17,76,000 वॉन पर बंद हुआ, यानी हर एडीएस के हिसाब से करीब 130.88 डॉलर। यह फर्क 40.7% का है। अमेरिका में लिस्ट हुए 32 विदेशी शेयरों में यह सबसे चौड़ा प्रीमियम है; इनमें से 28 तो पैरिटी के सिर्फ 5% दायरे में हैं 1।
यह गैप सेंटिमेंट का नहीं, स्ट्रक्चर का है
आमतौर पर आर्बिट्राजर एडीआर प्रीमियम इस तरह घटाते हैं: लोकल शेयर खरीदकर नए एडीएस जारी करते रहो, जब तक दोनों भाव बराबर न हो जाएं। लेकिन सियोल इकोनॉमिक डेली की रिपोर्ट के मुताबिक, SKHY के नए शेयर बनाने के लिए अतिरिक्त लिस्टिंग जितनी ही प्रक्रिया तय करनी पड़ती है। यानी पूल जुलाई में जितने शेयर बेचे गए थे, लगभग उसी दायरे में जम चुका है 1। इस सीमा के भीतर प्रीमियम ने भारी उछाल भरे: 27 जुलाई को 15.3%, नतीजों के बाद सियोल में बिकवाली पड़ने पर 30 जुलाई को 60.1% और 30 सितंबर तक आकर 40.7% 1।
जमे हुए एडीएस पूल में तीन दिन में प्रीमियम 15.3% से उछलकर 60.1%
Data
| सियोल के मुकाबले SKHY प्रीमियम | |
|---|---|
| 27 जुलाई | 15.3% |
| 30 जुलाई | 60.1% |
| 30 सितंबर | 40.7% |
फायदा किसका, बिल किसका
जारीकर्ता कंपनी ने 149 डॉलर के भाव पर 26.5 अरब डॉलर उस पूल में जमा कर लिए, जिसे वह दोबारा नहीं भर सकती। इन एडीएस में अब रोज करीब 2 करोड़ शेयरों का सौदा होता है, यानी 3.5 अरब डॉलर से ज्यादा का टर्नओवर 1। न्यूयॉर्क वाले भाव को पूरी कंपनी पर लागू करें तो एसके हाइनिक्स की वैल्यू करीब 1.34 ट्रिलियन डॉलर बनती है। मुकाबले में सियोल में यह आंकड़ा करीब 954 अरब डॉलर है और माइक्रॉन करीब 1.2 ट्रिलियन डॉलर पर टिकी है 1। करीब 400 अरब डॉलर की यह वैल्यू सिर्फ नैसडैक पर मौजूद है।
एक ही चिपमेकर कंपनी: न्यूयॉर्क में 1.34 ट्रिलियन डॉलर, सियोल में 954 अरब डॉलर की वैल्यू
Data
| मार्केट वैल्यू | |
|---|---|
| एसके हाइनिक्स, सियोल भाव | $954B |
| माइक्रॉन | $1,200B |
| एसके हाइनिक्स, SKHY भाव | $1,340B |
इन भावों के नीचे बिज़नेस एक ही है, और बढ़िया बिज़नेस है: जून तिमाही (Q2) में हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) की कमाई में एसके हाइनिक्स की हिस्सेदारी 50% रही, सैमसंग 33% और माइक्रॉन 18% पर रहे, और सियोल में इन्हीं कमाई का वैल्यूएशन फॉरवर्ड इनकम के हिसाब से करीब 4.5 गुना है — माइक्रॉन के 6.0 गुना से नीचे 1। इसलिए SKHY के अमेरिकी खरीदार टिकर का प्रीमियम चुका रहे हैं, मेमोरी का नहीं। कोरियाई निवेशक जुलाई के डेब्यू के बाद से ही एडीआर के नेट खरीदार रहे हैं — अमेरिकी ट्रेडिंग घंटों की एक्सेस के लिए वे ज्यादा पूंजीगत लाभ कर भी झेलने को तैयार हैं 4।
सियोल के विदेशी मुद्रा फंड ने 20 अरब डॉलर खरीदे
इस डील का असर देश की वित्तीय पाइपलाइन तक गया: एसके हाइनिक्स ने यह पैसा दक्षिण कोरिया में वापस ले आया और देश के विदेशी मुद्रा स्थिरीकरण कोष (Foreign Exchange Stabilization Fund) ने रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई में इनमें से करीब 20 अरब डॉलर खरीदे, जब वॉन 17 साल के निचले स्तर के पास टिका था 3।
एक्सेस प्रीमियम का अगला टेस्ट: एंथ्रोपिक की लिस्टिंग
लिस्टिंग के बाद से SKHY में 24% तेजी आई है, और सितंबर तिमाही (Q3) में — जिसमें अमेरिकी एक्सचेंजों पर 36.1 अरब डॉलर जुटे, 2021 के बाद की दूसरी सबसे व्यस्त तिमाही — सबसे ज्यादा वजन एसके हाइनिक्स के 26.5 अरब डॉलर ने ही उठाया 2। एंथ्रोपिक की लिस्टिंग — जिसकी कीमत रिपोर्ट्स के मुताबिक उसी AI मांग के आधार पर तय हो रही है — अब यह तय करने वाला अगला टेस्ट है कि एक्सेस प्रीमियम कौन चुकाता है 2।
Deepdive
AI-generated from this story and its cited sources. Not investment advice.


