इसोमॉर्फिक लैब्स का दावा: हमारी एआई साबित; 2.7 अरब डॉलर का दांव 31 दिसंबर की डेडलाइन पर टिका
इसोमॉर्फिक लैब्स के प्रेसिडेंट का कहना है कि कंपनी की एआई परिकल्पना "साबित हो चुकी है।" लेकिन बही-खाते में कुछ और दर्ज है: 2.7 अरब डॉलर जुटाए गए, पार्टनरों से बैंक में जमा सिर्फ 82.5 मिलियन डॉलर, न कोई दवा नामित, न कोई ट्रायल शुरू — और कंपनी की अपनी तय की साल के अंत वाली डेडलाइन सिर्फ 13 हफ्ते दूर है।
Vincent Jiang · 3 min read
इल्जाम: परिकल्पना 'साबित' — बचे सिर्फ 13 हफ्ते
29 सितंबर को इसोमॉर्फिक लैब्स के प्रेसिडेंट मैक्स जेडरबर्ग ने कंपनी के संस्थापक दांव को जीता हुआ घोषित कर दिया: "हमारी परिकल्पना साबित हो चुकी है" 12। कंपनी के मैनिफेस्टो में दिखाया गया है कि उसका ड्रग डिजाइन इंजन IsoDDE किसी बेनाम "टारगेट डी" के लिए केमिकल स्पेस में सिर्फ दो से चार दिन में खोजबीन कर लेता है। उसी काम में प्रकाशित एक रेफरेंस मॉलिक्यूल पर, मैनिफेस्टो के लेखकों के अनुमान के मुताबिक, तीन से पांच साल की मेहनत लगी थी 1। कंपनी का अपना असली टेस्ट अभी 13 हफ्ते दूर है: 2026 के अंत तक पहला क्लिनिकल ट्रायल। यह डेडलाइन मूल रूप से 2025 के आखिर की थी, जिसे एक बार आगे बढ़ाया जा चुका है 2।
पेश सबूत: 2.7 अरब डॉलर अंदर आए, बैंक में जमा 82.5 मिलियन डॉलर
2025 से अब तक कंपनी में करीब 2.7 अरब डॉलर का बाहरी पैसा आ चुका है — पहले 600 मिलियन डॉलर का शुरुआती राउंड, फिर मई में थ्राइव कैपिटल की अगुवाई वाला 2.1 अरब डॉलर का सीरीज बी राउंड, जिसमें अल्फाबेट, GV और टेमासेक भी शामिल हुए 24। अब तक की पूरी सार्वजनिक जानकारी में पार्टनरों से मिली आमदनी सिर्फ 82.5 मिलियन डॉलर के अपफ्रंट (एडवांस) भुगतान की है: एली लिली से 45 मिलियन डॉलर और नोवार्टिस से 37.5 मिलियन डॉलर। दोनों सौदे जनवरी 2024 में साइन हुए थे; इनके मुकाबले शर्त पूरी होने पर मिलने वाले 2.9 अरब डॉलर तक के माइलस्टोन तय हैं 2। लेकिन एक भी माइलस्टोन भुगतान अब तक रिपोर्ट नहीं हुआ है 2।
कंपनी ने जानकारी बेहद कम साझा की है। 30 सितंबर तक इसोमॉर्फिक ने न तो कोई कैंडिडेट नामित किया, न कोई टारगेट बताया, न प्रोग्रामों की संख्या दी, न IND (क्लिनिकल ट्रायल शुरू करने की इजाजत के लिए दायर आवेदन) दायर की और न ही कोई ट्रायल शुरू किया। पाइपलाइन के बारे में मिलने वाली इकलौती जानकारी दो फोकस एरिया हैं — ऑन्कोलॉजी और इम्युनोलॉजी 2।
इसोमॉर्फिक के पास पार्टनरों से बैंक में जमा 82.5 मिलियन डॉलर; एक भी माइलस्टोन का भुगतान नहीं
Data
| Value | |
|---|---|
| 2025 से जुटाई फंडिंग | $2,700M |
| लिली के माइलस्टोन (अधिकतम सीमा) | $1,700M |
| नोवार्टिस के माइलस्टोन (अधिकतम सीमा) | $1,200M |
| लिली का अपफ्रंट (भुगतान 2024 में) | $45M |
| नोवार्टिस का अपफ्रंट (भुगतान 2024 में) | $37.5M |
पेश दस्तावेज: बार-बार लौटते पार्टनर
फार्मा कंपनियां लौट-लौटकर दस्तखत कर रही हैं। अपने पहले सौदे के एक साल बाद नोवार्टिस ने अधिकतम तीन प्रोग्राम और जोड़ लिए। 20 जनवरी 2026 को जॉनसन एंड जॉनसन ने क्रॉस-मॉडालिटी, मल्टी-टारगेट रिसर्च कोलैबोरेशन साइन किया, जिसकी शर्तें जाहिर नहीं की गईं 25। फरवरी में कंपनी ने बेंचमार्क जारी किए, जिनमें दावा किया गया कि मुश्किल प्रोटीन-लिगैंड केसेज में उसका इंजन अल्फाफोल्ड 3 से दोगुने से भी ज्यादा सटीक है 2।
जिरह: कैंडिडेट तो इनसिलिको का था
शक जताने वाली मेलिंडा चू की बात सीधी है: "दवा के बिना बीमारी का इलाज नहीं हो सकता" 2। 30 सितंबर को एक क्रिप्टो न्यूज वायर ने इसोमॉर्फिक के नाम पर ISM1354 नॉमिनेट करने की खबर छापी: मोटापे और टाइप 2 डायबिटीज के लिए यह GIPR एंटागनिस्ट 2021 से अब तक का 34वां प्रीक्लिनिकल कैंडिडेट है 6। वह रिलीज असल में इनसिलिको मेडिसिन की है, जिसने रेंटोसर्टिब को टारगेट से फेज 1 तक 30 महीने से कम समय में पहुंचाया और जो अब फेज 3 में है 28। हांगकांग में लिस्टेड इनसिलिको ने 2026 में करीब 106 मिलियन डॉलर की आमदनी पर अपना पहला लाभदायक अर्धवर्ष दर्ज किया 8।
बाजार का दांव: तीन टिकरों की कसौटी
एली लिली (LLY) और नोवार्टिस (NVS) ने अंदरूनी डेटा देखने के लिए पैसा दिया है, और माइलस्टोन के शेड्यूल इन्हीं के हाथ में हैं — लिली के लिए अधिकतम 1.7 अरब डॉलर और नोवार्टिस के लिए अधिकतम 1.2 अरब डॉलर 2। पहला माइलस्टोन चेक इंजन के काम करने की पहली स्वतंत्र तस्दीक होगा 2। अल्फाबेट (GOOGL) के पास लैब की पूरी मालिकियत है और बाहरी पैसा आने से पहले इसे यही खुद फंड करता रहा 23। तुलनीय लिस्टेड कंपनी श्रेडिंगर (SDGR) है: 2025 में 199.5 मिलियन डॉलर का सॉफ्टवेयर रेवेन्यू, सामने 103 मिलियन डॉलर का नेट नुकसान — और वह वही बेचती है जो इसोमॉर्फिक नहीं बेचता 2। 31 दिसंबर की डेडलाइन फिर चूकी गई तो एआई प्रीमियम की हवा निकल जाएगी; पूरी हुई तो पार्टनर प्रोग्राम आगे बढ़ने लगेंगे।
फैसले पर नजर: 31 दिसंबर
इस बहस को खत्म करने के लिए तीन रसीदें काफी हैं: IND की फाइलिंग, किसी ट्रायल की शुरुआत या पहला माइलस्टोन पेमेंट 2। बाजार भी इसी सूची पर नजर रखे हुए है, इसलिए 31 दिसंबर से पहले एली लिली और नोवार्टिस के प्रोग्रामों से माइलस्टोन की कोई खबर आए या कोई IND दायर हो, तो वही असली संकेत होगा। चू की भविष्यवाणी है कि इस साल कोई ट्रायल शुरू नहीं होगा, हो सकता है 2027 में भी न हो — लेकिन कंपनी की अपनी घड़ी तो कुछ और ही कहती है 2।
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AI-generated from this story and its cited sources. Not investment advice.



