कॉइनबेस के पास सिर्फ छह दिन: 25 साल की एक्सपायरी वाले इंडेक्स फ्यूचर्स को असली परपेचुअल बनाना है
सीएफटीसी के स्टाफ के एक पत्र की मियाद 20 अक्टूबर को खत्म हो रही है। इससे अमेरिकी एक्सचेंजों के पास परपेचुअल की तरह ट्रेड होने के लिए बनाए गए स्टॉक इंडेक्स कॉन्ट्रैक्टों से दूर की एक्सपायरी तारीखें हटाने के लिए बस कुछ ही दिन बचे हैं। कॉइनबेस को यह वॉल्यूम चाहिए: पिछली छह तिमाहियों में से पांच में उसका राजस्व गिरा है।
Vincent Jiang · 3 min read
कॉइनबेस डेरिवेटिव्स पर लिस्टेड स्टॉक इंडेक्स फ्यूचर्स में से कुछ की एक्सपायरी तारीखें पूरे 25 साल आगे तक की हैं 12। यह एक्सचेंज कॉइनबेस−6.02% — कॉइनबेस, down 6.02 percent today का है और कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन यानी सीएफटीसी में 'डिज़िग्नेटेड कॉन्ट्रैक्ट मार्केट' के तौर पर रजिस्टर्ड है। इतनी देर तक इन्हें थामे रखना किसी की मंशा नहीं है: ये कॉन्ट्रैक्ट असल में लॉन्ग और शॉर्ट पक्षों के बीच होने वाले फंडिंग पेमेंट पर चलते हैं—परपेचुअल फ्यूचर्स का यही तंत्र है। बस अमेरिकी नियमों में इस स्ट्रक्चर की कोई तय जगह न बनने की वजह से इन पर एक दूर की मैच्योरिटी चस्पा कर दी गई थी 12।
कॉइनबेस ने 1 अक्टूबर को अर्जी दी थी। उसके बाद सीएफटीसी के मार्केट ओवरसाइट डिवीजन ने 3 अक्टूबर 2026 को स्टाफ लेटर 26-29 जारी किया, जो किसी भी रजिस्टर्ड एक्सचेंज को ये तारीखें हटाने और बदलाव तुरंत लागू करने की इजाजत देता है—आम तौर पर इस इंतज़ार में 10 कारोबारी दिन लग जाते हैं 12। यह छूट 20 अक्टूबर को खत्म हो जाएगी, हालांकि उस दिन मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट बंद करने पर किसी को मजबूर नहीं किया जा रहा 1।
स्टाफ ने बदलाव तेज़ किए, पर आठ शर्तें भी लगाईं
क्रैकन के मुताबिक 2025 में क्रिप्टो परपेचुअल की सालाना वॉल्यूम 60 ट्रिलियन डॉलर के पार चली गई—यह बाजार ज़्यादातर ऑफशोर एक्सचेंजों पर ही बड़ा हुआ है 2। सीएफटीसी ने 29 मई 2026 को बिटकॉइन परपेचुअल को मंज़ूरी दी और तय किया कि दूसरे एसेट्स पर यह स्ट्रक्चर अपनाने के लिए पूरे कमीशन की समीक्षा से गुजरना होगा 2। प्रेडिक्शन मार्केट एक्सचेंज काल्शी ने 18 अगस्त को एक ब्रॉड-बेस्ड स्टॉक इंडेक्स परपेचुअल दायर किया था। सीएफटीसी की समीक्षा अवधि खत्म होने पर 2 अक्टूबर को इसे मंज़ूर मान लिया गया; कॉइनबेस ने अपनी अर्जी इससे एक दिन पहले दी थी 2।
शर्तें सख्त हैं। एक्सचेंजों को ओपन पोजीशन रखने वालों से उन्हें हो सकने वाले नुकसान के बारे में पूछना होगा, कम से कम पांच कैलेंडर दिन का नोटिस देना होगा, ट्रेडर्स को पुरानी शर्तों पर पोजीशन बंद करने का मौका देना होगा और एक्सपायरी तारीख के अलावा कुछ भी नहीं बदलना होगा 12। काल्शी ने अपना US500 परपेचुअल—अमेरिकी लिस्टिंग वाली 500 सबसे बड़ी कंपनियों को ट्रैक करने वाला यह अनुबंध—6 अक्टूबर को शुरू किया, जिसकी 24 घंटे की वॉल्यूम करीब 5.56 लाख डॉलर रही 3।
इस जल्दबाजी की वजह राजस्व की समस्या है
कॉइनबेस की दूसरी तिमाही का राजस्व 1.22 अरब डॉलर रहा—एक साल पहले से 18.5 फीसदी कम और Q4 2024 की चोटी से 46 फीसदी नीचे 45। कारोबार का करीब आधा हिस्सा है सब्सक्रिप्शन और सर्विसेज़ राजस्व का। दूसरी तिमाही में यह 55.5 करोड़ डॉलर था, जिसकी तीसरी तिमाही के लिए गाइडेंस घटाकर करीब 54 करोड़ डॉलर कर दी गई है 4। पिछले बारह महीनों का ऑपरेटिंग मार्जिन 27 फीसदी से सिकुड़कर 11.7 फीसदी रह गया 4।
Q4 2024 की चोटी के बाद छह तिमाहियों में से पांच में गिरा कॉइनबेस का राजस्व
Data
| राजस्व | |
|---|---|
| Q1 '24 | $1.64B |
| Q2 '24 | $1.45B |
| Q3 '24 | $1.21B |
| Q4 '24 | $2.27B |
| Q1 '25 | $2.03B |
| Q2 '25 | $1.5B |
| Q3 '25 | $1.87B |
| Q4 '25 | $1.78B |
| Q1 '26 | $1.41B |
| Q2 '26 | $1.22B |
मैनेजमेंट ने 30 जुलाई को एडॉप्शन के दो चमकते धब्बे बताए—परपेचुअल फ्यूचर्स और प्रेडिक्शन मार्केट 4। प्रेडिक्शन मार्केट का सालाना रन-रेट इस तिमाही में 10 करोड़ डॉलर के पार पहुंच गया और डेरिवेटिव्स इकाई ने अब तक की सबसे ऊंची मार्केट शेयर हासिल की 6।
लेटर का दायरा सीमित है; फैसला दो प्रकटीकरण तय करेंगे
लेटर की पहुंच सिर्फ मौजूदा ब्रॉड-बेस्ड इंडेक्स अनुबंधों तक है 1। सिंगल स्टॉक और ईटीएफ (ETF) पर बनने वाले परपेचुअल्स—जो सितंबर में कॉइनबेस, काल्शी और क्रैकन की पेरेंट कंपनी पेवर्ड (Payward) ने फाइल किए थे—अभी लंबित हैं, और स्टाफ ने चेताया है कि बदले गए अनुबंधों की कीमत असली परपेचुअल के मुकाबले फिर भी अलग तरीके से लग सकती है 27।
फैसला दो प्रकटीकरणों से होगा। कॉइनबेस जिन संशोधनों को मंगलवार, 20 अक्टूबर तक प्रमाणित करेगा, उनमें उन अनुबंधों के नाम होंगे जिन्हें उसने बदला है 12। तीसरी तिमाही की रिपोर्ट—लगातार तीन बार अनुमान चूकने के बाद कंसेंसस 0.20 डॉलर प्रति शेयर घाटे का है—दिखाएगी कि डेरिवेटिव्स का राजस्व यह गैप पाट पा रहा है या नहीं 8। खिड़की छह दिन में बंद हो जाएगी; राजस्व का सवाल उसके बाद भी जिंदा रहेगा।
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AI-generated from this story and its cited sources. Not investment advice.



