गोल्डमैन के बॉन्ड मैनेजर एआई कर्ज की लहर से खुद को अलग रखे बैठे; लहर का अनुमान भी गोल्डमैन ने लगाया है
गोल्डमैन सैक्स एसेट मैनेजमेंट उन एआई दिग्गजों के बॉन्डों में अंडरवेट (underweight) पोज़िशन रखे हुए है, जिनका इश्यू अगले साल रिकॉर्ड 420 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान खुद उसके बैंक ने लगाया है। बाजार जो स्प्रेड मांग रहा है, वह इस लहर की कीमत पहले ही तय कर चुका है, और यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) की चेतावनी है कि इसका खर्च आखिर में बाकी सब पर पड़ सकता है।
Vincent Jiang · 3 min read
गोल्डमैन की फंड इकाई ने एआई कर्ज में अपनी ही अनुमत सीमा से कम पोज़िशन रखी है
लिंडसे रॉज़नर, जो गोल्डमैन सैक्स एसेट मैनेजमेंट में मल्टी-सेक्टर फिक्स्ड इनकम निवेश की कमान संभालती हैं, इस वक्त अपने मैंडेट की अनुमति से कम हाइपरस्केलर बॉन्ड रखे हुए हैं। 24 सितंबर को ब्लूमबर्ग टीवी पर उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि हाइपरस्केलरों का इश्यू बहुत आएगा।” “यह जानते हुए कि और इश्यू आने वाले हैं, हम उस पूरे सेक्टर में अंडरवेट हैं।” 12 उनकी टीम आज भी “एआई की कहानी” पर यकीन रखती है 1; यह डिफॉल्ट का दांव नहीं है। यह सप्लाई का दांव है — और वह भी उसी फर्म के अंदर से, जिसके अपने आंकड़े इस लहर का आकार नापते हैं।
17 अरब डॉलर की आदत अब 420 अरब डॉलर की पाइपलाइन बन चुकी है
गोल्डमैन के आंकड़ों के मुताबिक, 2027 में हाइपरस्केलर बॉन्ड इश्यू रिकॉर्ड 420 अरब डॉलर तक पहुंचेगा, जो 2026 के अनुमान से 60% ज्यादा है 3। अमेज़न, मेटा और अल्फाबेट इस साल हाई-ग्रेड अमेरिकी कॉर्पोरेट बॉन्डों के सबसे बड़े विक्रेताओं में शामिल रहे हैं और एआई प्रोजेक्टों के लिए सैकड़ों अरब डॉलर उधार लिए हैं 1, जबकि मूडीज़ इन्हीं नामों के पीछे करीब 3 खरब डॉलर के बैलेंस शीट के बाहर के दायित्व गिनती है 1। जेपीमॉर्गन एसेट मैनेजमेंट की गिनती में यह इश्यू 2024 में 17 अरब डॉलर था, 2025 में 109 अरब डॉलर हुआ और 2026 की पहली छमाही में पहुंचकर 194 अरब डॉलर हो गया 4।
हाइपरस्केलरों ने 2026 की पहली छमाही में ही 2024 और 2025 पूरे के मिलाकर ज्यादा बॉन्ड बेचे
- हाइपरस्केलर सकल बॉन्ड इश्यू
- Estimate
Data
| हाइपरस्केलर सकल बॉन्ड इश्यू | |
|---|---|
| 2024 | $17B |
| 2025 | $109B |
| 2026 पहली छमाही | $194B |
| 2027 अनुमान (estimate) | $420B |
खरीदार अब भी हाजिर हैं, बस चौड़े स्प्रेड पर
एआई कंपनियों के बॉन्डों पर स्प्रेड इस वक्त करीब 115 बेसिस पॉइंट पर है, जबकि पूरे इन्वेस्टमेंट ग्रेड बाजार में यह 78 बेसिस पॉइंट पर टिका है 3। एपोलो के आंकड़ों के मुताबिक 45, फरवरी में नए हाइपरस्केलर बॉन्डों की ऑफर के मुकाबले बोली करीब पांच गुना थी, लेकिन जुलाई आते-आते यह दो गुना से नीचे रह गई।
अल्फाबेट को अगस्त में अपनी बिक्री पूरी कराने के लिए बड़ी रियायत (कंसेशन) देनी पड़ी, जबकि एओएन की सितंबर में हुई 13.5 अरब डॉलर की फाइनेंसिंग पर 65 अरब डॉलर के ऑर्डर आए 3। वेलिंगटन की लॉरेन मोरन का कहना है, "बाजार को हाइपरस्केलरों के अलावा किसी और चीज की थोड़ी तरस है" 3। बॉन्ड बाजार ने एआई कर्ज को ना नहीं कहा है। उसने बस कहा है — स्प्रेड चौड़ा होगा।
दूसरा पक्ष कहता है: लहर आने दो
जेपीमॉर्गन एसेट मैनेजमेंट की इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट स्टेफनी अलियागा ने सितंबर की शुरुआत में कहा था कि छह सबसे बड़े हाइपरस्केलर चाहें तो और 1.5 ट्रिलियन डॉलर भी जुटा सकते हैं और बाजार उसे सोख लेगा — ब्लूमबर्ग से उनके इंटरव्यू की ऑनइन्वेस्ट रिपोर्ट के हवाले से 5। ब्लैकरॉक के रसेल ब्राउनबैक इस चौड़ाट को सीधा-सादा सप्लाई-डिमांड का मामला मानते हैं — इसमें उधार देने वालों को वह स्प्रेड मिल रहा है जो आम तौर पर कमजोर क्रेडिट के लिए राखा जाता है 3।
"हमारा मानना है कि बाजार इन नए इश्यू को सोखने की पूरी क्षमता रखता है," अलियागा ने कहा 5। थॉर्नबर्ग के लॉन एरिक्सन फिलहाल नकद थामे बैठे हैं, ताकि आगे चलकर यही बॉन्ड सस्ते में खरीद सकें 3। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि क्रेडिट मजबूत हैं। फर्क बस इतना है कि दामों के दोबारा आंके जाने (रीप्राइसिंग) का खर्च कौन चुकाएगा।
ईसीबी की चेतावनी: लागत बाकी सबके सिर पर आ सकती है
ईसीबी के हिसाब से बाजार में चल रहे हाइपरस्केलरों के यूरो बॉन्ड करीब 40 अरब यूरो के हैं — यह रकम गैर-वित्तीय कंपनियों की सकल नई यूरो इश्यू के 10 फीसदी से जरा-सा कम है 67। चेतावनी एक शर्त के साथ दी गई है: बॉन्ड बाजार में बिग टेक का हिस्सा बढ़ता है और इंडेक्स में उसका वजन बढ़ते ही पैसिव फंड अपने आप खरीदते चले जाते हैं — ऐसे में बिग टेक "सभी सेक्टरों की उधार लागत बढ़ा सकता है" 67।
लगार्दे ने इसे और सीधे शब्दों में कहा: "यूरोप इस बूम की कीमत का हिस्सा अपनी ही उधार लागत के रूप में उठाएगा" 8। जेपीमॉर्गन के माइकल सेम्बालेस्ट इस साल की एआई से जुड़ी इश्यू का आंकड़ा पहले ही करीब 320 अरब डॉलर पर रख चुके हैं — यानी 10 साल की अवधि के बराबर (10-ईयर इक्विवेलेंट) मानकर देखें तो यह रकम अमेरिकी ट्रेजरी की नई लंबी अवधि की उधारी का 68 फीसदी है 9।
फिलहाल ईसीबी को दूसरे कॉर्पोरेट उधारकर्ताओं पर इसका असर सीमित दिखता है 6। अगला पैमाना 2027 का इश्यू कैलेंडर है, और संकेत ठोस हैं — पहली तिमाही की डीलों पर खरीदार जितनी रियायत मांगते हैं, और साल के आखिर में बेंचमार्क इंडेक्स में हाइपरस्केलरों का वजन। अगर यह 420 अरब डॉलर तय समय पर बाजार में उतरा, तो रियायत की समस्या अकेले अल्फाबेट की नहीं रह जाएगी।
Deepdive
AI-generated from this story and its cited sources. Not investment advice.



