फिगर के फाउंडर का दावा: रोबोट तार लगाकर 348 मील चला; 39 अरब डॉलर का आंकड़ा किराए के रोबोटों पर टिका है

नौ दिन की यह ट्रेडमिल वॉक तार से चली, रफ्तार 2.6 किमी/घंटा। फिगर के 39 अरब डॉलर के आंकड़े को किराए के एक रोबोट की कमाई से भाग दें, तो सहनशक्ति की कहानी और कीमत का टैग अभी आपस में नहीं मिले हैं।

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Richard TangRichard Tang · 3 min read
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ब्रेट एडकॉक, फिगर एआई के फाउंडर और सीईओ
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फिगर के फाउंडर ब्रेट एडकॉक ने यह ट्रेडमिल रन साइड प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया था, ताकि रोबोट को फेल होने तक परखा जा सके।

फिगर के फाउंडर का दावा है कि ट्रेडमिल पर लगातार नौ दिन में 12 लाख कदम चलकर फिगर 03 ने 348 मील तय किए। 20 अक्टूबर को दो आउटलेट्स ने इसे ह्यूमनॉयड रोबोटों के प्रोडक्शन मशीन होने का सबूत बताते हुए दोहराया 12। मगर उन्हीं रिपोर्टों के अंदर के ब्यौरे बताते हैं कि साबित हुआ कुछ और ही है: heise बताता है कि रोबोट बाहरी तार से आने वाली बिजली पर चला, हिसाब लगाने पर उसकी रफ्तार करीब 2.6 किमी/घंटा निकलती है, और फिगर ने न कोई प्रोटोकॉल दिया, न एरर की गिनती, न मेंटेनेंस का लॉग 2। एडकॉक ने इसे साइड प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया था, ताकि रोबोट को फेल होने तक परखा जा सके 1। ड्यूरेबिलिटी टेस्टिंग असली इंजीनियरिंग है और उस रोबोट के लिए मायने भी रखती है जिसे फिगर बेचता नहीं, करीब 1,000 डॉलर प्रति रोबोट प्रति महीने पर किराए पर देता है 3। लेकिन तार से बंधकर चलना सिर्फ पैरों को साबित करता है; जिस कारोबार पर यह कीमत टिकी है, वह है बिना देखरेख काम करते किराए के रोबोट।

असली सबूत फैक्ट्री के फ्लोर पर मिलता है

फिगर का सबसे मजबूत रिकॉर्ड बीएमडब्ल्यू का स्पार्टनबर्ग प्लांट है। वहां फिगर 02 यूनिट ने ग्यारह महीने तक हफ्ते के दिनों में दस-दस घंटे की शिफ्ट चलाई, 30,000 से ज़्यादा X3 वाहनों में 90,000 से ज़्यादा पार्ट्स लोड किए और हर शिफ्ट में 99% से ऊपर सफल साइकल दर्ज किए। अप्रैल 2026 तक वहां 40 फिगर 03 यूनिट लग चुके थे 3। इसके मुकाबले सितंबर का हेलिक्स 2.5 नतीजा बताता है कि आम मामला अभी कितनी दूर है: जिन 30 घरों को यह सिस्टम पहले कभी नहीं देखा था, वहां टास्क पूरा करने की दर 56% रही 3। फिगर की मई की पैकेज-सॉर्टिंग रन बिना किसी हार्डवेयर गड़बड़ी के पूरी हुई, पर उस फ्लीट के रोबोट बारी-बारी से चार्ज होते रहे 2।

39 अरब डॉलर का आंकड़ा किराए के रोबोटों से क्या मांगता है

सितंबर 2025 की सीरीज़ C फंडिंग में फिगर की वैल्यूएशन 39 अरब डॉलर पर तय हुई — यह उस 38 अरब डॉलर के अनुमान से भी ज़्यादा है जो गोल्डमैन सैक्स+1.24% — गोल्डमैन सैक्स, up 1.24 percent today 2035 के पूरे ग्लोबल ह्यूमनॉयड मार्केट के लिए लगाता है 3। हमारा अपना ट्रैकर अभी फिगर को 34.22 अरब डॉलर पर रखता है — यानी कीमत का दूसरा संकेत, जो राउंड के आंकड़े से नीचे है 4। 12,000 डॉलर प्रति रोबोट-वर्ष के किराए पर यह वैल्यूएशन करीब 32.5 लाख रोबोट-वर्ष की कमाई मांगती है — यानी BotQ की 12,000 यूनिट वाली डिज़ाइन क्षमता के हिसाब से करीब 271 साल, या फिर वह 80,000 डॉलर प्रति रोबोट-वर्ष, जो एप्ट्रॉनिक~$1B — एप्ट्रॉनिक, private, latest valuation ~$1B के निवेशक अपोलो से उम्मीद करते हैं — उतने पर भी करीब 41 साल 34। इसी बीच रिपोर्ट्स के मुताबिक एनवीडिया+1.79% — एनवीडिया, up 1.79 percent today फिगर में एक अरब डॉलर और लगाने जा रहा है। खुद फिगर की ओर से वेरा रूबिन GPU पर 3.5 अरब डॉलर की कंप्यूट कमिटमेंट Nscale के ज़रिए चलती है — एक ऐसा क्लाउड प्रोवाइडर, जिसे एनवीडिया बैक करता है और जिसके पास खुद फिगर में इक्विटी है 3। यानी एनवीडिया के निवेशक कुछ हद तक उसी मांग को पैसा दे रहे हैं जो एनवीडिया के चिप्स के ऑर्डर लाती है।

39 अरब डॉलर ÷ रोबोट-वर्ष की कीमत ÷ 12,000 BotQ यूनिट = उत्पादन के साल

  • Estimate
0 robot-years100 robot-years200 robot-years300 robot-yearsफिगर का किराया: सालाना 12 हज़ार डॉलर271 robot-yearsसांकेतिक मध्य आंकड़ा: 30 हज़ार डॉलर108 robot-yearsअपोलो बेंचमार्क: सालाना 80 हज़ार डॉलर41 robot-years
Data
Value
फिगर का किराया: सालाना 12 हज़ार डॉलर (estimate)271 robot-years
सांकेतिक मध्य आंकड़ा: 30 हज़ार डॉलर (estimate)108 robot-years
अपोलो बेंचमार्क: सालाना 80 हज़ार डॉलर (estimate)41 robot-years
यह हिसाब है, रिपोर्ट नहीं: 39 अरब डॉलर वैल्यूएशन ÷ प्रति रोबोट-वर्ष कीमत ÷ प्रति साल 12,000 BotQ यूनिट। 30,000 डॉलर का मध्य आंकड़ा सिर्फ़ सांकेतिक है; 80,000 डॉलर का आंकड़ा एप्ट्रॉनिक के निवेशकों की अपोलो से उम्मीद है। स्रोत: TechTimes, 13 अक्टूबर 2026; The Inference, 14 अक्टूबर 2026।3,4

फासला मिटा सकने वाले चेकपॉइंट

2026 की पहली छमाही में दुनिया भर में करीब 19,100 ह्यूमनॉयड शिप हुए — पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 272% ज़्यादा — और इस पूरी मात्रा का 97% से ज़्यादा हिस्सा चीनी कंपनियों ने ही बनाया 5। यह मात्रा चीन में ही केंद्रित है। ऐसे में इस बाज़ार पर कोई पश्चिमी दावा चलेगा तो उसकी राह पहले फैक्ट्रियों से होकर जाएगी — जहाँ फिगर के पास पहले से ही उसका इकलौता ठोस सबूत मौजूद है — और उसके बाद ही घरों तक पहुँचेगी, जहाँ फिगर की सफलता दर मुश्किल से आधी है। चेकपॉइंट ठोस हैं और तारीख़ों से बंधे हुए: बीएमडब्ल्यू की फ्लीट की घोषित संख्या, टेक्सस के बार्स्टो में Nscale के डेटा सेंटर में वेरा रूबिन की तैनाती — जिसका लक्ष्य 2027 की दूसरी छमाही है — और घरों में हेलिक्स की काम पूरा करने की दर का आधे से काफ़ी ऊपर जाना 3। सेक्टर की कीमत तय करनी है तो कॉन्ट्रैक्ट वाले रोबोटों और घोषित फ्लीट के आधार पर करें, ट्रेडमिल पर सहनशक्ति दिखाने वाली पोस्टों के आधार पर नहीं। ट्रेडमिल टांगें साबित करता है। फ्लीट का नाम अब तक किसी ने नहीं बताया।

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AI-generated from this story and its cited sources. Not investment advice.

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